अध्याय 72

उसने पैर उठाया, दरवाज़े पर लात मारने ही वाला था, मगर आख़िरी पल में अक़्ल ने उसे रोक लिया। अंत में वह बस मुट्ठियाँ कसकर भींच सका, फिर पलटकर चला गया।

मुश्किल से दस मिनट बीते थे कि वॉशरूम का दरवाज़ा खुला।

इलैन बाहर निकली, चेहरा अब भी ग़ुस्से से सुर्ख़ था।

उसने फौरन गलियारे के दोनों ओर नज़र दौड़ाई, य...

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